🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟🌟 'अतिथि देवो भव:' कार्यक्रम के तहत योजना
पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री डॉ. महेश शर्मा ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि पर्यटन मंत्रालय पर्यटकों के प्रति आचरण और व्यवहार के संबंध में जन सामान्य के साथ-साथ पर्यटन उद्योग के हितधारकों को संवेदनशील बनाने के लिए अतिथि देवो भव-सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया है। आम जनता को पर्यटक स्थलों सहित देश की विरासत और स्मारकों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने के लिए जागरूक बनाया जाता है। यह अभियान लोगों के दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी प्रयासरत है। ये अभियान चुने हुए प्रिंट, इलैक्ट्रॉनिक, आउटडोर और ऑनलाइन मीडिया में चलाए जाते हैं। यह एक संवर्धनात्मक अभियान है अत: इस नाम के अंतर्गत कोई योजना नहीं बनाई जाती है।
जनवरी-दिसम्बर, 2012 की अवधि की तुलना में वर्ष 2013 की इसी अवधि में 5.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 69.68 लाख विदेशी पर्यटक आगमन की तुलना में जनवरी-दिसम्बर, 2014 में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ विदेशी पर्यटक आगमन 74.62 लाख था। जनवरी-दिसम्बर, 2012 की तुलना में पर्यटन से रूपए में विदेशी मुद्रा आय वर्ष 2013 की इसी अवधि में 14.0 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,07,671 करोड़ रू. की विदेशी मुद्रा आय की तुलना में जनवरी-दिसम्बर, 2014 में 11.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,20,083 करोड़ रू. थी।
पर्यटन मंत्रालय की नई पहलों में थीम आधारित पर्यटक सर्किटों का एकीकृत विकास-स्वदेश दर्शन और तीर्थ जीर्णोंद्धार और आध्यात्मिक संवर्धन अभियान (पीआरएसएडी) पर राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं। मंत्रालय ने पर्यटकों के लिए 24X7 इंक्रेडिबल इंडिया टोल फ्री हेल्पलाइन भी आरंभ की है (कोड - 1363/1800-111363) । भारत सरकार ने विदेशी यात्रियों की भारत यात्रा को सुगम बनाने के लि इलैक्ट्रॉनिक ट्रैवल आथोराइजेशन समर्थित आगमन पर पर्यटक वीजा आरंभ किया है। यह सुविधा भारत में नौ हवाई अड्डों (अर्थात् दिल्ली, मुंबई, चैन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बैंगलूरू, तिरूवनंतपुरम, कोच्चि और गोवा हवाई अड्डों) पर 44 देशों से आने वाले नागरिकों के लिए उपलब्ध है।
पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री डॉ. महेश शर्मा ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि पर्यटन मंत्रालय पर्यटकों के प्रति आचरण और व्यवहार के संबंध में जन सामान्य के साथ-साथ पर्यटन उद्योग के हितधारकों को संवेदनशील बनाने के लिए अतिथि देवो भव-सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया है। आम जनता को पर्यटक स्थलों सहित देश की विरासत और स्मारकों को आने वाली पीढ़ियों के लिए संरक्षित करने के लिए जागरूक बनाया जाता है। यह अभियान लोगों के दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए भी प्रयासरत है। ये अभियान चुने हुए प्रिंट, इलैक्ट्रॉनिक, आउटडोर और ऑनलाइन मीडिया में चलाए जाते हैं। यह एक संवर्धनात्मक अभियान है अत: इस नाम के अंतर्गत कोई योजना नहीं बनाई जाती है।
जनवरी-दिसम्बर, 2012 की अवधि की तुलना में वर्ष 2013 की इसी अवधि में 5.9 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 69.68 लाख विदेशी पर्यटक आगमन की तुलना में जनवरी-दिसम्बर, 2014 में 7.1 प्रतिशत की वृद्धि के साथ विदेशी पर्यटक आगमन 74.62 लाख था। जनवरी-दिसम्बर, 2012 की तुलना में पर्यटन से रूपए में विदेशी मुद्रा आय वर्ष 2013 की इसी अवधि में 14.0 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,07,671 करोड़ रू. की विदेशी मुद्रा आय की तुलना में जनवरी-दिसम्बर, 2014 में 11.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,20,083 करोड़ रू. थी।
पर्यटन मंत्रालय की नई पहलों में थीम आधारित पर्यटक सर्किटों का एकीकृत विकास-स्वदेश दर्शन और तीर्थ जीर्णोंद्धार और आध्यात्मिक संवर्धन अभियान (पीआरएसएडी) पर राष्ट्रीय मिशन शामिल हैं। मंत्रालय ने पर्यटकों के लिए 24X7 इंक्रेडिबल इंडिया टोल फ्री हेल्पलाइन भी आरंभ की है (कोड - 1363/1800-111363) । भारत सरकार ने विदेशी यात्रियों की भारत यात्रा को सुगम बनाने के लि इलैक्ट्रॉनिक ट्रैवल आथोराइजेशन समर्थित आगमन पर पर्यटक वीजा आरंभ किया है। यह सुविधा भारत में नौ हवाई अड्डों (अर्थात् दिल्ली, मुंबई, चैन्नई, कोलकाता, हैदराबाद, बैंगलूरू, तिरूवनंतपुरम, कोच्चि और गोवा हवाई अड्डों) पर 44 देशों से आने वाले नागरिकों के लिए उपलब्ध है।